मौजूदा समय में अपना बिजनेस शुरू करने के लिए पैसे की कमी एक बड़ी चुनौती मानी जाती है। बिजनेस आइडिया को सफल बिजनेस में बदलने के लिए लोन की जरूरत होती है। ऐसे में आप जानना चाहते हैं कि स्टार्टअप बिज़नेस लोन कैसे लें, तो आपके पास सरकारी योजनाओं, निजी बैंकों, NBFCs और ऑनलाइन लोन देने वाली संस्था जैसे कई विकल्प हैं। जिनसे लोन लेकर नया बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
सही बिजनेस लोन चुनने के लिए अपनी ज़रूरत, पात्रता, ब्याज दर और भुगतान की शर्तों को समझना ज़रूरी है।
स्टार्टअप बिज़नेस लोन
स्टार्टअप बिज़नेस लोन वह लोन है जिसका इस्तेमाल नया स्टार्टअप शुरू करने या शुरुआती स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस पैसे से आप मशीनरी और कच्चा माल खरीद सकते हैं, दुकान या ऑफिस का किराया दे सकते हैं और कर्मचारियों को भुगतान कर सकते हैं या अपना ऑनलाइन स्टोर तैयार कर सकते हैं।
नया स्टार्टअप होने पर लोन देने वाली संस्था आपके बिज़नेस प्लान, संभावित आमदनी, क्रेडिट हिस्ट्री, उपलब्ध पूंजी और भुगतान करने की क्षमता का आकलन कर सकती है।
अगर आप अपना नया स्टार्टअप शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, तो Shopify की गाइड बिज़नेस कैसे शुरू करें: 11 ज़रूरी स्टेप्स के बारे में जरूर जानें।
स्टार्टअप के लिए बिज़नेस लोन कहाँ से लें?
स्टार्टअप के लिए फंडिंग के कई रास्ते हैं। यहां आपको हम कुछ सरकारी योजनाओं के बारे में बता रहे हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे स्टार्टअप्स को संस्थागत लोन उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। इसके तहत पात्र छोटे स्टार्टअप्स को सावधि लोन और काम करने के लिए पूंजी मिल सकती है।
योजना के तहत लोन की श्रेणियाँ इस प्रकार हैं:
- शिशु: ₹50,000 तक
- किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख तक
- तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक
- तरुण प्लस: ₹10 लाख से ₹20 लाख तक। यह उन उद्यमियों के लिए है जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी का लोन लिया और सफलतापूर्वक चुकाया है।
इस योजना में सार्वजनिक और निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, छोटे वित्त बैंक और पात्र NBFCs जैसे लोन देने वाली संस्थाएं शामिल हैं। योजना के अंतर्गत पात्र लोन के लिए सामान्यतः कोलेट्रल या गारंटी की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन लोन स्वीकृति की शर्तें लागू रहती हैं।
आप जनसमर्थ पोर्टल पर भी संबंधित सरकारी लोन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम
स्टार्टअप इंडिया सीड फंडिंग (Seed Funding) स्कीम (SISFS) के तहत किसी नए स्टार्टअप या बिज़नेस आइडिया को शुरुआती चरण में विकसित करने के लिए मिलने वाली पूंजी है। इसकी मदद से उद्यमी अपने ओरिजनल विचार को वास्तविक प्रोडक्ट या सर्विस में बदल सकते हैं और स्टार्टअप्स की शुरुआत कर सकते हैं।
सीड फंडिंग का उद्देश्य
- प्रोटोटाइप बनाना: बिज़नेस आइडिया को शुरुआती उत्पाद या सेवा (Minimum Viable Product यानी MVP) में बदलना।
- बाज़ार की जाँच: ग्राहकों की जरूरत समझना, उत्पाद की मांग का आकलन करना और उसकी टेस्टिंग करना।
- टीम तैयार करना: शुरुआती कर्मचारियों की भर्ती, तकनीकी विकास और मार्केटिंग पर खर्च करना।
योजना और उपलब्ध कार्यक्रमों की जानकारी के लिए स्टार्टअप इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
सीड फंडिंग के प्रमुख स्रोत
- एंजेल निवेशक (Angel Investors): ऐसे व्यक्ति जो शुरुआती स्टार्टअप में पैसा लगाते हैं। वे अनुभव और व्यावसायिक मार्गदर्शन भी दे सकते हैं।
- मित्र और परिवार: उद्यमी अपने परिचितों से शुरुआती पूंजी ले सकते हैं। निवेश या ऋण की शर्तें पहले स्पष्ट करना जरूरी है।
- सरकारी योजनाएँ: भारत सरकार की स्टार्टअप इंडिया पहल के माध्यम से स्टार्टअप से जुड़ी वित्तीय सहायता और कार्यक्रमों की जानकारी मिल सकती है। स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम के नए आवेदन समय-समय पर निकलते रहते हैं।
- इनक्यूबेटर और एक्सीलेरेटर: ये संस्थान स्टार्टअप को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, नेटवर्किंग और संभावित निवेशकों से जुड़ने में मदद करते हैं।
कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र स्टार्टअप को:
- ₹20 लाख तक का अनुदान: बिज़नेस आइडिया को परखने, प्रोटोटाइप बनाने और उत्पाद का परीक्षण करने के लिए।
- ₹50 लाख तक की सहायता: बाज़ार में प्रवेश, व्यावसायिक शुरुआत और विस्तार के लिए ऋण या परिवर्तनीय डिबेंचर के माध्यम से।
पात्रता
योजना के मूल प्रावधानों के अनुसार आवेदन के समय स्टार्टअप को DPIIT से मान्यता होनी चाहिए और उसका पंजीकरण दो वर्ष से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए। बिज़नेस में नवाचार, तकनीक के उपयोग या विकास की संभावना होनी चाहिए। भारतीय प्रमोटरों की हिस्सेदारी कम से कम 51% होनी चाहिए।
अन्य सरकारी योजनाओं से ₹10 लाख से अधिक की मौद्रिक सहायता पाने वाले स्टार्टअप पर भी निर्धारित नियम लागू होते हैं।
आवेदन कैसे करें?
सबसे पहले अपना बिज़नेस प्लान, अनुमानित खर्च और उत्पाद से जुड़ी जानकारी तैयार करें। इसके बाद योजना के आधिकारिक पोर्टल पर विजिट करें। इस योजना के तहत आवेदन पात्र इनक्यूबेटर के माध्यम से किया जाता है।
CGTMSE के तहत बिना कोलेट्रल या गारंटी वाला लोन
अगर आप सूक्ष्म या लघु उद्यम शुरू कर रहे हैं और आपके पास गारंटी के लिए संपत्ति नहीं है, तो CGTMSE की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी देखें।
क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) पात्र सूक्ष्म और लघु उद्यमों को दिए जाने वाले लोनों के लिए लोन देने वाले को गारंटी कवरेज उपलब्ध कराता है। इससे पात्र स्टार्टअप्स के लिए बिना कोलेट्रल या गारंटी या तीसरे पक्ष की गारंटी के लोन पाना आसान होता है।
ध्यान रखें कि CGTMSE खुद सीधे उद्यमियों को लोन नहीं देता। आपको योजना में भाग लेने वाले बैंक या अन्य पात्र लोन देने वाले के पास आवेदन करना होता है।
स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (CGSS)
अगर आपका स्टार्टअप पात्र मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है, तो Credit Guarantee Scheme for Startups (CGSS) के बारे में जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है। इस योजना का उद्देश्य पात्र स्टार्टअप को लोन देने वाले वित्तीय संस्थानों के लिए क्रेडिट गारंटी की सुविधा उपलब्ध कराना है।
यह विकल्प हर नए छोटे स्टार्टअप पर अपने आप लागू नहीं होता। आवेदन करने से पहले वित्तीय सेवा विभाग की वेबसाइट पर मौजूदा नियमों की पुष्टि करें।
स्टैंड-अप इंडिया योजना
स्टैंड-अप इंडिया योजना नए स्टार्टअप स्थापित करने के लिए पात्र उद्यमियों को बैंक लोन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इसके मूल प्रावधानों में पात्र ग्रीनफील्ड उद्यमों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक के लोन का उल्लेख है।
इस योजना के तहत आवेदन करने से पहले इसकी मौजूदा स्थिति, पात्रता और उपलब्ध लोन विकल्पों की पुष्टि करें। अधिक जानकारी के लिए वित्तीय सेवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
राज्य सरकारों की बिज़नेस लोन योजनाएँ
कुछ राज्य सरकारें भी नए उद्यमियों को बिज़नेस शुरू करने के लिए लोन, अनुदान या ब्याज में राहत देती हैं।
| राज्य | योजना | मुख्य सहायता |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान | निर्धारित शर्तों के तहत ₹5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन |
| बिहार | मुख्यमंत्री उद्यमी योजना | पात्रता और संबंधित श्रेणी के अनुसार वित्तीय सहायता |
| तमिलनाडु | NEEDS योजना | पात्र परियोजनाओं के लिए पूंजी अनुदान और लोन सहायता |
| सिक्किम | Skilled Youth Startup Scheme | पात्रता के अनुसार वित्तीय सहायता और सब्सिडी |
निजी बैंक और NBFC से बिज़नेस लोन
सरकारी योजनाएँ हर स्टार्टअप या हर ज़रूरत के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। आप निजी बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) से भी बिज़नेस लोन के विकल्प देख सकते हैं।
एचडीएफसी बैंक: HDFC बैंक (स्मार्टअप प्रोग्राम) के तहत ₹1 लाख से ₹5 करोड़ तक के वर्किंग कैपिटल और बिज़नेस ग्रोथ लोन देता है। DPIIT के तहत मान्यता प्राप्त या कुछ खास इनक्यूबेटर से सपोर्टेड स्टार्टअप बिना किसी कोलैटरल के क्रेडिट लाइन, करंट अकाउंट बेनिफिट और CGTMSE/CGSS-बैक्ड डेट ले सकते हैं। बिज़नेस क्रेडिट की ताकत के आधार पर इंटरेस्ट रेट आमतौर पर 10.75% से 16% सालाना तक होते हैं।
एक्सिस बैंक: एक्सिस बैंक (Axis Bank) ₹50,000 से शुरू होकर ₹5 करोड़ तक के स्टार्टअप और माइक्रो-एंटरप्राइज़ लोन देता है। लोन का असेसमेंट अनुमानित कैश फ्लो, GST रिकॉर्ड या प्रमोटर गारंटी के आधार पर किया जाता है, जिसकी दरें लगभग 11% से 17% के बीच शुरू होती हैं।
IDFC FIRST बैंक (FIRST स्टार्टअप): इसमें ₹5 करोड़ तक की वर्किंग कैपिटल की सुविधा है, जो खास तौर पर बिना किसी फिजिकल कोलैटरल के प्री-प्रॉफिट या शुरुआती स्टेज के वेंचर्स के लिए है, जिसका मूल्यांकन इंटरनल एल्गोरिदम असेसमेंट और बैंकिंग हेल्थ के ज़रिए किया जाता है।
लेंडिंगकार्ट (Lendingkart): कम से कम 6 महीने के एक्टिव बैंक स्टेटमेंट और GST डेटा वाले स्टार्टअप्स को इवैल्यूएट करता है। 24 से 72 घंटों के अंदर ₹50,000 से ₹2 करोड़ के बीच अनसिक्योर्ड लोन देता है, जिसमें इंटरेस्ट रेट आमतौर पर 15% से 27% के बीच होता है।
टाटा कैपिटल (Tata Capital): नए एंटरप्राइज़ के लिए ₹75 लाख तक के अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन देता है। हालांकि वे कम से कम 12 महीने के ऑपरेशन को पसंद करते हैं, लेकिन वे अल्टरनेटिव क्रेडिट प्रोफाइलिंग और इक्विपमेंट हाइपोथेकेशन भी लेते हैं।
बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserve): ₹80 लाख तक के कोलैटरल-फ्री फ्लेक्सी-लोन देता है, जिसमें इंटरेस्ट रेट लगभग 14% से शुरू होते हैं। खास तौर पर शुरुआती स्टेज के वेंचर्स के लिए सही है, जिनके फाउंडर्स का पर्सनल CIBIL स्कोर (750+) ज़्यादा होता है।
स्टार्टअप बिजनेस लोन आवेदन के लिए दस्तावेज़
आवेदन शुरू करने से पहले संभावित दस्तावेज़ों की सूची तैयार करें।
- आधार कार्ड, पैन कार्ड और पते का प्रमाण।
- बैंक खाते का विवरण।
- स्टार्टअप का पंजीकरण प्रमाणपत्र, यदि लागू हो।
- GST पंजीकरण और रिटर्न, यदि लागू हों।
- Udyam Registration, यदि आपके स्टार्टअप पर लागू हो।
- बिज़नेस प्लान और अनुमानित वित्तीय विवरण।
- मशीनरी या उपकरणों के लिए कोटेशन, यदि लोन उसी उद्देश्य से चाहिए।
- मौजूदा स्टार्टअप के लिए बिक्री, आय और खर्च के रिकॉर्ड।
ये भी पढ़ेंः Shopify की गाइड बिज़नेस प्लान कैसे बनाएं में योजना तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई है। आप बिज़नेस प्लान के उदाहरण और टेम्पलेट भी देख सकते हैं।
स्टार्टअप बिज़नेस लोन के लिए आवेदन कैसे करें?
1. वित्तीय ज़रूरत तय करें
सबसे पहले अनुमान लगाएँ कि आपको कितने पैसे चाहिए। दुकान का किराया, मशीनरी, शुरुआती माल, वेबसाइट और कार्यशील पूंजी जैसे खर्चों की सूची बनाएँ।
2. बिज़नेस प्लान तैयार करें
अपने स्टार्टअप, लक्षित ग्राहकों, प्रतिस्पर्धा, अनुमानित बिक्री और खर्चों की जानकारी दें। लोन चुकाने की योजना भी बनाएँ। इसके लिए Shopify की बिज़नेस प्लान बनाने की गाइड पढ़ सकते हैं।
3. लोन विकल्पों की तुलना करें
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी सरकारी योजनाओं के साथ निजी बैंकों और NBFCs की ब्याज दरों, शुल्क और पात्रता की तुलना करें।
4. आवेदन करें
आधिकारिक वेबसाइट, बैंक शाखा या सरकारी पोर्टल पर आवेदन करें और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करें।
5. शर्तें समझें
लोन स्वीकार करने से पहले ब्याज दर, मासिक किस्त, भुगतान अवधि और अतिरिक्त शुल्क ध्यान से जाँचें। कम पूंजी में बिजनेश शुरू करना चाहते हैं, तो Shopify का लेख बिना पैसे के बिज़नेस कैसे शुरू करें उपयोगी हो सकता है। ऑनलाइन स्टोर शुरू करने की योजना है, तो ई-कॉमर्स बिज़नेस कैसे शुरू करें भी पढ़ें।
बिज़नेस लोन लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
लोन स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन गलत लोन चुनने से वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। आवेदन करने से पहले इन बातों की जाँच करें:
- अपनी ज़रूरत से अधिक लोन न लें।
- ब्याज दर के साथ सभी शुल्क और कुल भुगतान की राशि समझें।
- अपनी किस्त चुकाने की क्षमता का वास्तविक अनुमान लगाएँ।
- क्रेडिट इतिहास और बैंक खाते का रिकॉर्ड सही रखें।
- किसी भी सरकारी योजना में पात्रता और मौजूदा नियमों की पुष्टि करें।
- बिना सत्यापन के लोन दिलाने वाले एजेंटों को पैसे न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बिना पैसे लगाए स्टार्टअप बिज़नेस लोन मिल सकता है?
कुछ लोन देने वाली संस्थाएँ या सरकारी योजनाएँ पात्र स्टार्टअप को बिना कोलेट्रल या गारंटी के लोन उपलब्ध करा सकती हैं।
स्टार्टअप के लिए कितना बिज़नेस लोन मिल सकता है?
यह स्टार्टअप के प्रकार, लोन के उद्देश्य, पात्रता, योजना और लोन देने वाली संस्था पर निर्भर करता है। मुद्रा योजना में अलग-अलग लोन श्रेणियाँ हैं, जबकि निजी बैंकों और NBFCs के प्रोडक्ट्स की सीमाएँ अलग हो सकती हैं।
क्या बिना संपत्ति गिरवी रखे बिज़नेस लोन मिल सकता है?
हाँ, कुछ लोन योजनाओं और उत्पादों में कोलेट्रल या गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। मुद्रा योजना और CGTMSE से जुड़े पात्र लोन विकल्पों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। फिर भी लोन स्वीकृति की अन्य शर्तें लागू होती हैं।
बिज़नेस लोन और निवेश में क्या अंतर है?
बिज़नेस लोन में ली गई राशि ब्याज और तय शर्तों के अनुसार वापस चुकानी होती है। निवेश में निवेशक स्टार्टअप में हिस्सेदारी या अन्य सहमत लाभ प्राप्त कर सकता है।

